लखनऊ: उत्तर प्रदेश में किसानों और पशुपालकों को समृद्ध करने के लिए यूको बैंक की ओर से अमृतधारा योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत किसानों व पशुपालकों को दो से 10 गाय पालने के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। तीन लाख तक का ऋण बिना किसी गारंटी के दिया जाएगा। किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान की सुविधा होगी और दो लाख तक का बीमा कवर भी दिया जाएगा।
यह जानकारी गो सेवा आयोग में अमृतधारा योजना पर हुई बैठक में दी गई। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य गोवंश संरक्षण, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाना है। यह योजना केंद्र सरकार की एनीमल हसबैंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलमपेंट फंड योजना की तर्ज पर तैयार की गई है, जिसे सभी बैंकों ने अपनाया है।
योजना के तहत बड़े चिलिंग सेंटर और दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों के लिए भी ऋण दिया जाएगा। इससे छोटे किसानों और गोपालकों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। अध्यक्ष योजना को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि योजना के तहत किसानों को कैटल शेड और बायोगैस प्लांट की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि गोबर और गोमूत्र का प्रयोग जैविक खाद के रूप में किया जा सके। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ को अमृतधारा योजना से जोड़ा जाए ताकि महिलाएं ऑर्गेनिक दूध, दही, घी, सब्जी और अन्य जैविक उत्पादों का व्यापार कर सकें। बैठक में पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी ने सुझाव दिया कि प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में ऑर्गेनिक प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाए ताकि किसानों के जैविक उत्पादों को बाजार मिले। बैठक में पूर्व सलाहकार जैविक ऊर्जा व कृषि विभाग पीएस ओझा व यूको बैंक के ज़ोनल मैनेजर आशुतोष सिंह आदि उपस्थित थे।