Friday, April 4, 2025
No menu items!

कोल्डड्रिंक खराब कर रही गुर्दे, डायलिसिस और ट्रांसप्लांट की नौबत…

Must Read

लखनऊ: गर्मी बहुत है चलो कोल्डड्रिंक पी लेते हैं… ये आदत युवाओं को महंगी पड़ रही है। खानपान में कोल्डड्रिंक और फास्टफूड का अत्यधिक इस्तेमाल उनके गुर्दे को खतरनाक तरीके से नुकसान पहुंचा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि हैलट के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हर महीने 20 से 30 साल की उम्र के गुर्दा रोगियों की संख्या 30 फीसदी तक हो गई है।

इनमें से आधों को डायलिसिस या गुर्दा ट्रांसप्लांट की सलाह दी जा रही है। पांच साल में इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले इस उम्र वर्ग के पांच फीसदी रोगी ही हैलट आते थे। मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हर महीने करीब 100 किडनी रोगी आ रहे हैं।

गुर्दा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, इन युवा रोगियों में एक बात समान रूप से पाई गई कि ये कोल्डड्रिंक और फास्टफूड का अत्यधिक सेवन करते थे। डॉक्टरों के अनुसार ये रोगी कोल्डड्रिंक के इस कदर लती थे कि एक दिन में दो से ढाई लीटर तक पी जाते थे। फास्टफूड भी इनके खानपान का नियमित हिस्सा था।

नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि कोल्डड्रिंक में भारी मात्रा में शर्करा होती है, जिससे मोटापा और यूरिक एसिड भी बढ़ता है। यूरिक एसिड बढ़ने पर ये जोड़ों में रुकने लगता है और किडनी पर इसे बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

इससे गुर्दे की क्षमता प्रभावित होती है। गुर्दों में सूजन, सिकुड़न आने के कारण उसकी कार्यक्षमता घट जाती है। धीरे-धीरे गुर्दे रक्त से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालने और मूत्र बनाने में असमर्थ हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में किडनी ट्रांसप्लांट या डायलिसिस की नौबत आ जाती है।
ऐसे ही युवा हर महीने हैलट पीजीआई पहुंच रहे हैं, जिन्हें किडनी ट्रांसप्लांट और डायलिसिस कराने की सलाह दी जा रही है। उनके अनुसार, पिछले पांच से छह साल में बड़ा बदलाव आया है। अब 20 से 30 साल उम्र के युवा क्रोनिक किडनी रोगी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।

सीनियर फिजीशियन डॉ. नंदिनी रस्तोगी का कहना है कि शर्करा का अत्यधिक सेवन ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाता है, जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है। इससे मोटापे, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है, जो सभी गुर्दे के लिए जोखिम कारक हैं।

प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि 200 एमएल की छोटी कोल्डड्रिंक की बोतल में करीब 22 ग्राम चीनी होती है। एक ग्राम चीनी में चार कैलोरी होती है। इस तरह एक छोटी बोतल से ही 88 कैलोरी मिल जा रही है। दो-ढाई लीटर कोल्डड्रिंक पीने वाले तो दिन में 1000 कैलोरी से ज्यादा सिर्फ इसी के जरिये ले लेते हैं। फास्टफूड से भी भारी मात्रा में कैलोरी शरीर में जाती है। अगर हम व्यायाम कर रहे हैं तो कैलोरी खर्च हो जाती है और शरीर ठीक रहता है।
हमारे पास एक महीने में किडनी के औसतन सौ मरीज आ रहे हैं। उसमें एक-तिहाई मरीज युवा हैं और वो किडनी की एडवांस डिजीज की स्थिति में आते हैं, जिन्हें डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के लिए भेजते हैं। – डॉ. युवराज गुलाटी, नेफ्रोलॉजिस्ट हैलट पीजीआई

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

आजमगढ़ जिले में तरवा थाने के बाथरूम में युवक ने लगाई फांसी, ग्रामीणों ने मचाया बवाल…

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में तरवा थाने में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आक्रोशित परिजन...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This